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अनुसूचित जाति ग्रामीणों पर पुलिसिया कहर, महिलाओं के सामने की गई मारपीट और जातिसूचक गालियों की बौछार— ट्रैक्टर जब्ती पर बवाल, ग्रामीण बोले: “अब जान का भी खतरा” – YES NEWS

अनुसूचित जाति ग्रामीणों पर पुलिसिया कहर, महिलाओं के सामने की गई मारपीट और जातिसूचक गालियों की बौछार
— ट्रैक्टर जब्ती पर बवाल, ग्रामीण बोले: “अब जान का भी खतरा”

शहडोल | 18 जुलाई 2025
जिला शहडोल की जैतपुर

तहसील अंतर्गत ग्राम टेंगा छिनमार में अनुसूचित जाति समुदाय के ग्रामीणों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कथित बर्बरता ने क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बेटियों के सामने गाली-गलौज, मारपीट, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की धमकियां दीं।

पीड़ितों के अनुसार, 17 जुलाई की रात करीब 9 बजे चौकी केशवाही (थाना बुढ़ार) से पुलिसकर्मी रामेश्वर पाण्डेय, रामनरेश यादव, गणेश सिंह और एक अन्य व्यक्ति गांव में पहुंचे और खेत जोतने वाले ट्रैक्टर को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की। जब ग्रामीणों ने पूछताछ की तो उन्हें न सिर्फ कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाया गया, बल्कि जातिसूचक गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ा।

“गंदी नाली के कीड़े हो तुम लोग…”


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने कहा, “चमार मादर… बहुत जमीन वाला बनता है? तेरे घर में घुसकर बहन-बेटियों के साथ कुछ भी कर सकते हैं…”। इस दौरान ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई, महिलाओं को घसीटा गया और ट्रैक्टर को जबरदस्ती थाने ले जाया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि यह घटना उस संदिग्ध गतिविधि की कड़ी है जिसमें 13 जुलाई को फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों द्वारा उनकी खेती की भूमि पर वीडियोग्राफी की गई थी। ग्रामीणों को आशंका है कि उनके पुश्तैनी खेतों को फर्जी तरीके से वन भूमि बताने की साजिश चल रही है।

फोन पर फिर मिली धमकी


18 जुलाई को दोपहर एक पुलिसकर्मी द्वारा ग्रामीणों को फोन कर कहा गया कि वे थाने आकर ट्रैक्टर ले जाएं, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि यदि किसी ने शिकायत की तो पूरे गांव को झूठे केस में फंसा दिया जाएगा और खाली करवा दिया जाएगा।

बिना प्राथमिकी, बिना नोटिस — कैसे हो गई जब्ती?


ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि न तो उन्हें किसी अपराध के बारे में बताया गया, न कोई नोटिस दिया गया, फिर किस आधार पर उनका ट्रैक्टर जब्त किया गया?

गांव में डर का माहौल, महिलाओं की सुरक्षा पर संकट


घटना के बाद से पूरे गांव में डर और बेचैनी का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को जान-माल का खतरा है, और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।




📝 ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:

दोषी पुलिसकर्मियों पर SC/ST एक्ट, IPC की सुसंगत धाराओं में कानूनी कार्रवाई।

जब्त ट्रैक्टर को तत्काल वापस दिलाया जाए।

पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

घटनास्थल पर उच्चस्तरीय जांच दल भेजा जाए।



रायलाल, समयलाल, सोनशाह, झगडू, माखन, दीनाबाई, रामहित, संतोष समेत 15 से अधिक ग्रामीणों ने इस शिकायत पर हस्ताक्षर कर न्याय की मांग की है।

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