फरीदकोट प्रशासन ने मनाया ‘बेटी एक अनमोल तोहफ़ा’ दिवस,
-नवजात बच्चियों के पैरों के निशान माता-पिता को भेंट किए,
-माता-पिता से बेटियों के सुनहरे भविष्य के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की अपील की–




फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूज़ा) -डिप्टी कमिश्नर मैडम पूनमदीप कौर के नेतृत्व में फरीदकोट ज़िले में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ स्कीम के तहत एक खास पहल की गई और “बेटी एक अनमोल तोहफ़ा” दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। ज़िला प्रोग्राम अफ़सर रतनदीप संधू के प्रयासों से, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवजात बच्चियों के जन्म का जश्न मनाना और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच पैदा करना था।
अनोखा तोहफ़ा: पैरों के निशान वाला लैमिनेट
इस मौके पर, विभाग की ओर से एक बहुत ही भावुक और अनोखा प्रयास किया गया। नवजात बच्चियों के पैरों के निशान खूबसूरती से प्रिंट और लैमिनेट करके माता-पिता को यादगार के तौर पर दिए गए। इसके साथ ही, नई जन्मी लड़कियों को बेबी ब्लैंकेट और बेबी सूट भी बांटे गए।
गांवों में बांधे गए श्रींह, गिद्दा के साथ धाम
जिला प्रोग्राम ऑफिसर रतनदीप संधू ने कहा:
“हमारे सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी वर्कर गांव-गांव जाकर बेटियों के जन्म पर मिठाई बांटी। जैसे लड़कों के जन्म पर रिवाज है, वैसे ही बेटियों के घरों के बाहर भी श्रींह बांधे गए। गांवों में गिद्दा पहनकर और खुशी के गाने गाकर बेटियों के आने को त्योहार की तरह मनाया गया।”
बराबरी का दिया संदेश
इवेंट के दौरान लोगों को जागरूक करते हुए अधिकारियों ने कहा कि बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार, हायर एजुकेशन और सुरक्षित माहौल देना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की सोच अपनाने की अपील की ताकि लड़कियों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सके।
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