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मतगणना के दिन सैदाबाद में बवाल करने वाले 10 उपवद्रवियों को पुलिस ने दबोचा वहीं गलत अफवाह फैलाने वाला जुर्म से काफी दूर।

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पंकज सिंह ब्यूरो चीफ प्रयागराज



बीते तीन मई को प्रमाणपत्र मिलने में देरी होने के कारण सैदाबाद से वार्ड नं 5 के जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी के समर्थकों ने जमकर बवाल काटा था। मामले में हंडिया पुलिस ने दबिश देकर दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी को गुरुवार को जेल भेज दिया गया।

बीते तीन मई को आलोक पांडेय के फ़ेसबुक से नंदिनी त्रिपाठी जीत गई है जिसे काफी शेयर किया गया। जिला पंचायत वार्ड संख्या 5 से नंदिनी त्रिपाठी की जीत की सूचना से अंजली यादव पत्नी गुग्गु यादव के समर्थक नाराज हो गये जबकि परिणाम अभी तक नहीं आया था। अफवाह यह भी फैलाई गई कि अंजलि यादव के साथ बेईमानी की जा रही है। अफवाहों से उग्र युवा सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतर आए। यात्री गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया। प्रयागराज वाराणसी मार्ग पर आ जा रही गाड़ियों को उपद्रवियों ने निशाना बनाया। पैदल बाइक सवार सहित सड़क पर चुनाव ड्यूटी से लौट रहे पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। कइयों को पत्थरबाजी में चोटें भी आई थी। प्रत्याशी नंदिनी के बड़े भाई की हरीपुर स्थित हार्डवेयर व ढाबे को भी निशाना बनाकर जमकर तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने गंभीर धाराओं में 25 नामजद व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में उपनिरीक्षक राकेश सिंह की अगुवाई में हंडिया पुलिस ने थाना उतरांव के जगतपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान सतीश कुमार, उतरांव के पहाड़पुर गांव निवासी सोनू कुमार, हंडिया के हरीपुर गांव निवासी शनि यादव, गुल्लू यादव, जमशेदपुर गांव निवासी सुमित कुमार, लवकुश, राकेश कुमार, राजेश कुमार, पर्वतपट्टी गांव निवासी मिथिलेश, सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। वहीं सोशल मीडिया पर नंदनी त्रिपाठी के जीतने की गलत अफवाह फैलाने वाला आलोक पाण्डेय के ऊपर हंडिया पुलिस ने अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है जिससे क्षेत्रो में काफी आक्रोश व्याप्त है। वहीं क्षेत्रवासियों का कहना है कि आलोक पाण्डेय अगर सोशल मीडिया पर गलत अफवाह न फैलाता तो क्षेत्र में अशांति का माहौल न बनता।

 

 

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