शहडोल (मध्य प्रदेश): पत्रकार विनय की रिपोर्ट।(8349627682)
मध्य प्रदेश के शहडोल ज़िले में स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा पिछले लगभग 80 वर्षों से न सिर्फ आध्यात्मिक केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह क्षेत्र में धर्म, सेवा, शिक्षा और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। इसकी स्थापना का उद्देश्य रहा है कि हर धर्म, जाति और समुदाय के लोग यहाँ आकर गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से जुड़ें और उनके वचनों से जीवन को दिशा दें।
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📿 नियमित धार्मिक सेवाएं और शिक्षाएं
गुरुद्वारे में प्रतिदिन प्रातः व संध्या समय गुरबाणी का पाठ, कीर्तन और अरदास होती है। बच्चों को प्रारंभिक धार्मिक शिक्षा दी जाती है। प्रत्येक सेवा के उपरांत श्रद्धालुओं को कड़ा प्रसाद वितरित किया जाता है। सप्ताह में एक-दो बार लंगर सेवा भी आयोजित होती है, जिसमें सैकड़ों लोग एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं।
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🏠 श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाएं
गुरुद्वारे में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने की व्यवस्था, भोजन (लंगर), और ज़रूरतमंदों के लिए यात्रा किराए की सहायता भी दी जाती है। यह सेवा न केवल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सहारा बनती है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी प्रोत्साहित करती है।
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🍲 लंगर सेवा: संगत की सहभागिता का उदाहरण
लंगर की तैयारी में सुबह से ही संगत (श्रद्धालु) जुट जाते हैं। कोई आटा लाता है, कोई दाल या सब्ज़ी की सेवा करता है। सब कुछ सेवा भाव से किया जाता है। प्रत्येक सप्ताह दो दिन दोपहर लगभग 12:30 बजे से लंगर वितरित किया जाता है।

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🛕 विशेष धार्मिक अवसरों पर भव्य आयोजन
गुरु नानक देव जी की जयंती, गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती सहित अन्य गुरुपर्व पर बाहर से रागी जत्था बुलाकर विशेष कीर्तन आयोजित किया जाता है। दिनभर चलने वाले इन आयोजनों के पश्चात सभी के लिए विशेष लंगर की व्यवस्था होती है।
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🩺 समाजसेवा में भी अग्रणी
गुरुद्वारा प्रबंधन शिक्षा, स्वास्थ्य और राहत कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान देता है।
कोविड-19 महामारी के दौरान पुलिसकर्मियों व ज़रूरतमंदों के लिए प्रतिदिन नाश्ते और चाय की व्यवस्था की गई।
रक्तदान शिविरों का आयोजन होता है।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान धार्मिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसमें बच्चों को पंजाबी भाषा, गुरबाणी, गातका (पारंपरिक सिख युद्ध कला), और सिख इतिहास से जोड़ा जाता है।
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🎓 युवाओं के लिए विशेष पहल
युवाओं और बच्चों को धर्म से जोड़ने के लिए गुरबाणी पाठ, कीर्तन, तबला वादन, और सिख रीति-रिवाजों की शिक्षा नियमित रूप से दी जाती है, जिससे अगली पीढ़ी अपनी संस्कृति और विरासत को जान सके।
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👥 प्रबंधन और नेतृत्व
गुरुद्वारा संचालन का दायित्व प्रबंधक कमेटी के पास है, जिसकी अगुवाई सरदार बलविंदर सिंह भोगल करते हैं। कमेटी समय-समय पर बैठकें कर आयोजन, सेवाएं और विस्तार कार्यों की योजना बनाती है, तथा पारदर्शिता के साथ संचालन सुनिश्चित करती है।
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🤝 धार्मिक समरसता और सामाजिक सौहार्द
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा का वातावरण धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे का आदर्श उदाहरण है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों के श्रद्धालु यहाँ आते हैं और सेवा में भाग लेते हैं। गुरुद्वारा प्रबंधन सभी धर्मों और उनके अनुयायियों का खुले हृदय से स्वागत करता है।
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा शहडोल, न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सेवा, शिक्षा, सामाजिक सहयोग और सांप्रदायिक सौहार्द की जीवंत मिसाल है। अपने स्थायी मूल्यों और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
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📌 सम्पूर्ण जानकारी गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा शहडोल के प्रबन्धक से प्राप्त की गई है।
