अगेती भिंडी की खेती से भयंकर मुनाफा

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अगेती भिंडी की खेती से भयंकर मुनाफा 💵💵

👉 खेती का सही समय 🙂



अगेती भिंडी की बुवाई फरवरी के आखिरी सप्ताह से अप्रैल के पहले सप्ताह तक की जाती है।
यदि आप गर्म इलाकों में हैं, तो इसकी बुवाई जनवरी के अंत से ही शुरू कर सकते हैं।
भिंडी के अच्छे अंकुरण के लिए तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस होना जरूरी है।



🌱 खेत की तैयारी

खेत को अच्छी तरह जुताई कर भुरभुरा बनाएं।
अंतिम जुताई में 8–10 टन गोबर की खाद प्रति एकड़ मिलाएं।
मेड़-नाली यानी रिज एंड फर्रो विधि भिंडी के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है।



🌾 बुवाई की विधि

मेड़ों की दूरी: 45–60 सेंटीमीटर

पौधे की दूरी: 25–30 सेंटीमीटर

बीज की गहराई: 2–3 सेंटीमीटर

बीज मात्रा: 4–5 किलो प्रति एकड़

मेड़-नाली विधि में जल निकास अच्छा रहता है और पैदावार भी ज्यादा मिलती है।



💧 सिंचाई प्रबंधन

बुवाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें।
गर्मी के दिनों में हर 5–6 दिन पर पानी दें।
फूल आने के समय पानी की कमी बिल्कुल न होने दें—इससे फल सेटिंग बढ़ती है।



🍃 खाद और उर्वरक

बुवाई के समय दें:

NPK 10:26:26 → 40–50 किलो प्रति एकड़

गोबर खाद 8–10 टन

25–30 दिन बाद 30–35 किलो यूरिया टॉप ड्रेसिंग करें।
फूल झड़ने से रोकने के लिए बोरॉन 0.2% और सागरिका 10 ml/लीटर का स्प्रे करना फायदेमंद है।



🪲 रोग-कीट प्रबंधन

सफेद मक्खी, मिलीबग और फल छेदक का ध्यान रखें।
नीम तेल 5 ml/लीटर का स्प्रे 10–12 दिन में दोहराएं।
यलो स्टिकी ट्रैप लगाने से सफेद मक्खी काफी हद तक नियंत्रित रहती है।



🥬 तुड़ाई

बुवाई के करीब 45–50 दिन बाद तुड़ाई शुरू हो जाती है।
हर तीन दिन में तुड़ाई करने से भिंडी मुलायम रहती है और उत्पादन बढ़ जाता है।


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