गुंडा एवं अपराधी ने 80 साल की बृद्धा के साथ की मारपीट..
शिकायत के बाद भी पुलिस नहीं कर रही कार्यवाही..
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल
सीधी। अमिलिया थाना अंतर्गत ग्राम चमरौहा में पीड़िता शांति पाण्डेय की जमीन जो पारिवारिक विवादित है न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। लेकिन सोसल मीडिया में वायरल वीडियो पर देखा गया बेखौफ होकर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी पर महिला के साथ किराए के गुंडो के द्वारा मारपीट की गई। पीड़िता ने मीडिया को अपने बयान पर बताया कि मेरी जमीन का विवाद मालती देवी के साथ चल रहा है।
उसे जमीन पर ना तो मोहनलाल गुप्ता का कोई नाम अंकित है और ना ही उसका कोई हिस्सा 5 किलोमीटर दूर उसका निवास है।
मोहनलाल गुप्ता मालती देवी लवकुश पाण्डेय, सतीश पांडेय अन्य तीन गुण्डो के साथ 2 ट्रैक्टर 1 जेसीबी मशीन लेकर आये और जमीन जेसीबी चलाने लगे पीड़िता ने मना किया उसको पकड़कर घसीटा गया उस समय पीड़िता के घर में कोई पुरुष मौजूद नहीं थे उसकी बहू बेटियां थीं जिनके साथ अभद्रता गाली गलौज और पूरे जमीन घर जेसीबी चलाना चाहा लेकिन पीड़िता पीछे नहीं हटी पुलिस को सूचना दी गई पुलिस भी आई लेकिन पुलिस के मौजूदगी में गाली गलौज किया गया।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई और थाना प्रभारी अमिलिया को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया लेकिन थाना प्रभारी राकेश वैश्य घटना को गंभीरता से लेते हुए वीट प्रभारी उग्रभान मिश्रा एस आई को जांच के लिए सौंपा लेकिन एस आई साहब पीड़िता के साथ हुये शर्मशार करने वाली घटना को नजर अंदाज किये और पीड़ित परिवार का कहना है थाना प्रभारी ने इस घटना को गंभीरता से लिया लेकिन एस आई उग्रभान मिश्रा ने गुमराह कर सरहंग मोहनलाल गुप्ता का सहयोग किया।

मीडिया ने पड़ताल की पीड़ित थाना प्रभारी से बात करनी चाही लेकिन थाना प्रभारी की व्यस्तता होने से थाना में मुलाकात नहीं हुई, जांच अधिकारी एस आई उग्रभान मिश्रा से जानकारी चाहा लेकिन ओ किसी भी तरह की जानकारी नहीं देनी चाही।
पड़ताल में साफ जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं पुलिस का सरहंगो को सहयोग मिल रहा।
पड़ताल में यह भी जानकारी सामने आई मारपीट करने वाले आरोपी मोहनलाल गुप्ता के खिलाफ पुलिस विभाग में कई प्रकरण दर्ज है
पीड़िता की मांग है-
माननीय मुख्यमंत्री महोदय और पुलिस कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक महोदय मुझे न्याय दीजिए और सरहंगो के ऊपर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए अन्यथा पीड़ित परिवार की जान खतरे में है बार बार धमकी दी जा रही। पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आमरण अनशन इच्छा मृत्यु दें।
निष्कर्ष- यह एक शासन प्रशासन की व्यवस्था पर बहुत बड़ा अंकुश है अगर कोई आम सरहंग पुलिस की मौजूदगी पर महिला को मार रहा घर में जेसीबी चला रहा ये शर्मसार करने की बात है मोहन सरकार ऐसे सरहंगो को घर मे नहीं सलाखों के पीछे होना चाहिए।
