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11 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी को बीस वर्ष का कठोर कारावास – YES NEWS

11 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी को बीस वर्ष का कठोर कारावास

11 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी को बीस वर्ष का कठोर कारावास पीडिता के पुनर्वास हेतु 5 लाख का प्रतिकार भी दिलाया गया


दिनाक 02/12/19 को आरोपी के द्वारा दोपहर 02 बजे बगीचे में पीडिता जिसकी उम्र 11 वर्ष की थी के साथ जबरदस्ती बलात्संग किया गया जिसकी सूचना थाना विजुरी में प्राप्त होने पर उक्त अपराध कायम कर विवेचना पश्चात आरोपी गिरफ्तार कर डी एन ए कार्यवाही करते हुए विवेचना पश्चात न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया जिसपर आरोप विरचित कर विचरण किया गया और अभियोजन ‌द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य व विशेष लोक अभियोजक राजगौरव तिवारी द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादृष्टांत से सहमत होते हुए उक्तानुसार दंड से दंडित किया गया। प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना उप निरीक्षक सुमित कौशिक द्वारा की गई थी।

मामला विशेष न्यायालय पॉक्सो श्री जयसिंह सरोते के न्यायालय के विशेष प्रकरण शासन वनाम रवेंद्र उर्फ रवि चौधरी थाना विजुरी के अपराध पॉक्सो एक्ट से सम्बंधित है उक्त मामले में आरोपी रवेंद्र उर्फ रवि चौधरी को धारा 376 AB,376, भादवि 5/6 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 5000 रु के अर्थ दंड से दंडित किया है और पीड़िता को पॉस्को एक्ट के नियम 9 के अंतर्गत विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपपुर के माध्यम से 05 लाख रु का प्रतिकार भी दिलाये जाने बाबत आदेश के माननीय न्यायलय पारित किया है ।

विशेष तथ्य- विवेचना के दौरान उप निरी सुमित कौशिक द्वारा वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग कर आरोपी की घटना स्थल पर मिले हुए कपडे को साक्ष्य के रूप में इकट्ठा कर डी एन ए जाँच के लिए भेजा गया था । एफ एस एल व डीएनए की रिपोर्ट पीडिता के साथ गयी नाबालिग बच्ची की साक्ष्य घटना को सिद्ध करने में महत्वपूर्ण रही |
आरोपी ने विक्षिप्त होने का भी लिया था बचाव जिसके सम्वन्ध में जाच दौरान उक्त बचाव को न्यायलय ने गलत पाया

दण्ड के बिंदु पर न्यायालय ने आरोपी के कृत्य को माना गभीर विक्षिप्तता के बचाव को किया गया खारिज , न्यायालय ने माना कि प्रथम अपराधी होने मात्र से अपराध की प्रकृति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता समाज में पड़ने वाले प्रभाव – अपराध की गंभीरता और आरोपी की पृष्ठभूमि आदि पर गौर करने के बाद माननीय न्यायालय मे आरोपी को बीस वर्ष के कठोर कारावास के दण्ड से दंडित किया साथ ही 5 हजार रु का जुर्माना भी लगाया ।

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