Warning: Undefined array key "HTTP_ACCEPT_LANGUAGE" in /tmp/temp_ecbc9b4a0f903103d68985c33ab9f5e6.txt on line 11

Warning: Undefined array key "HTTP_REFERER" in /tmp/temp_ecbc9b4a0f903103d68985c33ab9f5e6.txt on line 12
कुख्यात बदमाश लकी को 7 साल का सश्रम कारावास – YES NEWS

कुख्यात बदमाश लकी को 7 साल का सश्रम कारावास

रीवा। जिले के कुख्यात बदमाश लकी साकेत को न्यायालय ने दो अलग-अलग मामले में सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। चौदहवें अपर सत्र न्यायाधीश ने थाना विश्वविद्यालय के अपराध क्र. 310/2016 अन्तर्गत धारा 420,467,468,471 भादवि के सत्र प्रकरण क्र.231/2017 शासन बनाम प्रशान्त देवांगन उर्फ लकी साकेत में देर्वामन उर्फ लकी साकेत पिता वंशपति साकेत 29 वर्ष निवासी नौम चौराहा आनन्द नगर थाना वि.वि को 7-7, 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक डी. एन. मिश्रा ने जान जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 14 मार्च 2014 को फरियादी सुनील सिंह पिता रामसिंह उम्र 26 वर्ष निवासी सिंघल नर्सिंग होम के बगल में बरा ने रिपोर्ट दर्ज की थी कि उक्त दिनांक को आरोपी लकी साकेत उर्फ प्रशांत देवांगन अपने अन्य साथियों के साथ पुरानी बातों को लेकर चैनल गेट के अंदर घुस कर गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। सूचना पर अपराध क्र.145/14 अन्तर्गत धारा 294,452,506वी/34 भादवि कायम किया था। आरोपी लकी वर्फप्रशांत देवांगन अपनी उपरोक मामले में अग्रिम जमानत कराने के लिए बेल क्र.467/14 दिनांक 3.4.2014 लगायी एवं आवेदन पत्र के साथ माध्यमिक शिक्षा मण्डल हाईस्कूल की वर्ष 2013 की अंकसूची प्रस्तुत की थी। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रीवा ने आरोपी को जमानत देने के उपरांत तत्कालीन वि.वि. थाना प्रभारी आदित्य प्रताप सिंह को उक्त मार्कशीट

सत्यता की तस्दीक करने हेतु आदेशित किया था। थाना प्रभारी आदित्य सिंह द्वारा अन्वेषण करने के उपरांत पाया गया कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत अंकसूची कूटरचित व फर्जी है, जिसके आधार पर आरोपी के विरुद्ध थाना वि.वि.में क्र.310/2016 अन्तर्गत अपराध धारा 420,467,468,471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं विवेचना उपसंत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अपर लोक अभियोजक डी.एन. मिश्रा ने साथियों के साक्ष्य कराये एवं तर्क प्रस्तुत किये। न्यायाधीश रीवा संतोष तिवारी ने आरोपी प्रशांत देवांगन उर्फ लकी साकेत को धारा 420 व 468 में 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास व एक-एक हजार रुपये के अर्थदण्ड तथा धारा 467 व 471 में 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड के व्यतिक्रम की दशा में 3-3 माह व 6-6 माह के अतिरिक्त कारावास से दण्डित किया गया है जिनमें सभी सजायें एक साथ भुगताये जाने का आदेश पारित किया गया है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *