एस.डी.एम को लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग
गोदावल मेले में उद्घाटन के दिन से शुरू थी अवैध वसूली
विनय द्विवेदी ब्यौहारी – शहडोल जिले के तहसील ब्यौहारी में 14 जनवरी से प्रारंभ गोदावल मेला में स्टैंड के नाम से अवैध वसूली का कारनामा ठेकेदार द्वारा कराया जाता है जिसे जनता हित में एस डी एम को लिखित शिकायत पत्र देकर कार्यवाही की मांग की गई है। जब की यह मेला नगर सहित आस पास के आस्था का केंद्र माना जाता है, यहां की लगभग सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा को आज भी निभाया जाता हैं, यहां आसपास के लगभग पचास से सौ किलोमीटर दूर से लोग मेले का आनंद लेने आते है।
वाहन स्टैंड के नाम पर वसूली
दूर दराज से सायकिल, मोटर सायकिल से आने वाले लोगों को वाहन खड़े करने की सुविधा नगर परिषद द्वारा दी जाती है जिसका शुल्क नगर परिषद् ब्यौहारी द्वारा निर्धारित कर वसूली कि जिम्मेदारी ठेकेदार को दी गई, पर ठेकेदार द्वारा अपने कर्मचारियों से निर्धारित दर से ज्यादा की वसूली कराई जाती है जिसकी शिकायत पत्र के माध्यम से युवा कांग्रेस जिला महासचिव पवन पटेल द्वारा एस डी एम ब्यौहारी को आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की गई है जिससे कोई अप्रिय घटनाएं न घटे।

भिन्न-भिन्न झूले से सजा मेला
इस ऐतिहासिक मेले मे मचिया झूला, आकाश झूला, ड्रेगन झूला, रेलगाड़ी, मौत का कुआं से साथ अन्य प्रकार के झूलों से सुसज्जित किया गया है, मेला का पहला दिन मकर संक्रांति पर अवकाश होने के कारण पहले ही दिन भीड़ देखी गई।
स्टैंड के पास नहीं लगी होडिंग
मेला पहुंच रहे प्रेमियों द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि वाहन स्टैंड के पास नगर परिषद ब्यौहारी द्वारा निर्धारित वसूली दर की होडिंग को खुद नहीं लगाया गया है जिससे लोगों को जानकारी न हो सके, इतना ही नहीं चर्चा यह भी है ही दो पहिया वाहन वसूली कर रहा ठेकेदार नगर परिषद एवं विधायक का करीबी बताया जा रहा है इसी कारण शिकायत की जानकारी होने के बाद न तो ठेका निरस्त किया गया और न है वैधानिक कार्यवाही की गई।
मेला के प्रारंभ में मुख्य गेट पर लगे सायकिल स्टैंड वसूली में मेला प्रेमियों की जानकारी के लिए नगर परिषद द्वारा निर्धारित दर की जानकारी के लिए किसी भी प्रकार का बैनर अथवा बोर्ड नहीं लगाया गया है जिससे आने वाले मेला प्रेमियों को पता हो सके कि वाहन स्टैंड में कितना शुल्क देना है जिसका लाभ उठाते हुए ठेकेदार बा उनके कार्यकर्ता तीन गुना तक वाहन स्टैंड के नाम से वसूली कर रहे हैं।
