यस न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट उमरिया
उमरिया – फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से जिले में आगामी मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान को लेकर जिला स्तरीय मीडिया संवाद का आयोजन किया गया। मीडिया एडवोकेसी के माध्यम से अभियान की रूपरेखा, महत्व एवं जनसहयोग की आवश्यकता के संबंध में मीडिया को विस्तृत जानकारी दी गई ।

मीडिया एडवोकेसी में पवन मेहरा सलाहकार (भारत सरकार) एवं डॉ. व्ही.एस. चंदेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उमरिया द्वारा फाइलेरिया रोग के कारण लक्षण रोकथाम तथा इसके स्थायी उन्मूलन हेतु एमडीए अभियान की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है जिसके उन्मूलन के लिए सभी पात्र व्यक्तियों द्वारा दवा का सेवन अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में जानकारी दी गई कि उमरिया जिले के पाली विकासखंड में 10 फरवरी 2026 से एमडीए अभियान प्रारंभ किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित टीमें घर-घर जाकर लक्षित जनसंख्या को निर्धारित मात्रा में फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराएंगी। यह अभियान जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होने बताया कि डी.ई.सी. एल्बेंडाजोल आइवरमेक्टिन की गोली का सेवन करने से मनुष्य के शरीर में स्थित फाइलेरिया के कृमि नष्ट हो जाते हैं जिससे यह बीमारी एक से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती। दवा खाने से कृमि के मरने पर बुखार, उल्टी, सिर दर्द या चक्कर आ सकते हैं, जो कि दवा का प्रतिकूल प्रभाव है और ये लक्षण कुछ समय के बाद स्वयं समाप्त हो जाते हैं। फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए डी.ई.सी. की गोली की सालाना खुराक सभी पात्र व्यक्तियों को लेना आवश्यक है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा व्ही एस चंदेल ने मीडिया से अपील की है कि वे एमडीए अभियान से संबंधित सटीक एवं सकारात्मक जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग अभियान में सहभागी बन सकें। साथ ही आमजन से भी आग्रह किया गया कि वे स्वयं दवा का सेवन करें तथा अपने परिवार एवं आस-पास के लोगों को भी दवा सेवन के लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर रवि कुमार साहू जिला मलेरिया सलाहकार, गौरव मिश्रा जिला समन्वयक पी.सी.आई., सहित जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी पत्रकार उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा अभियान की तैयारियों, दवा सेवन की प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों एवं जागरूकता गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई।
