पोरसा, 12 मार्च 2025: पत्रकार विनय की कलम से ….!पोरसा में भगवान गोवर्धन गिरिराज जी महाराज के मंदिर पर होली महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर “आज बृज में होली रे रसिया” के साथ भक्तों ने इस महापर्व को बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। होली के इस खास अवसर पर महंत रामकिशोर दास शास्त्री ने भक्तों को बताया कि होली सिर्फ रंगों का पर्व नहीं है, बल्कि यह पुरानी दुश्मनियों को भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाने का पर्व है। उन्होंने कहा, “होली का धार्मिक महत्व यह है कि यह हमें सिखाती है कि किसी भी तरह की शिकायत को भूलकर प्रेम और भाईचारे का वातावरण बनाना चाहिए।”
पिछले तीन दिनों से चल रहा होली महोत्सव आगामी रंग पंचमी तक जारी रहेगा। आज महिला भक्त मंडल ने महंत रामकिशोर दास शास्त्री और पंडित जगदीश प्रसाद शुक्ला की सानिध्य में होली के गीत गाए और रसिया प्रस्तुत किए। इस अवसर पर महिलाएं जैसे प्रकाश देवी, शशि तोमर, रजनी तोमर, अंजना गुप्ता, सविता तोमर, रामवती, सुभद्र देवी, प्रेमा देवी, शांति बाई, प्रांशी, योगिता सहित अन्य भक्तों ने रंगों में सराबोर हो कर होली का आनंद लिया। वहीं, पुरुष भक्तों में जितेंद्र सिंह तोमर, ब्रजराज सिंह तोमर, राधा कृष्ण गुप्ता, दीनू सिंह तोमर सहित अन्य ने भी उत्साह के साथ होली गीतों का गायन किया।इस दौरान मंदिर परिसर में पुष्प होली भी खेली गई, जहां भक्तों ने एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा की और एकजुटता का संदेश दिया। महंत रामकिशोर दास शास्त्री ने इस पर्व के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह समय है जब हम अपनी पुरानी गलतफहमियों और गिले-शिकवे को भूलकर एक दूसरे से प्रेम और भाईचारे के साथ मिलकर होली मनाएं।आज का होली महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि इसने समाज में शांति और एकता का संदेश भी दिया। पोरसा में होली के इस उत्सव में सभी ने मिलकर रंगों और प्रेम से भरे इस महापर्व का आनंद लिया, और एक नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाया।
