Warning: Undefined array key "HTTP_ACCEPT_LANGUAGE" in /tmp/temp_52e73f353302f71f5e6d1be0d0c11150.txt on line 11

Warning: Undefined array key "HTTP_REFERER" in /tmp/temp_52e73f353302f71f5e6d1be0d0c11150.txt on line 12
बाल मजदूरी नहीं, बचपन दो:विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर शहडोल में भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित – YES NEWS

बाल मजदूरी नहीं, बचपन दो:विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर शहडोल में भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


📍 शहडोल | 12 जून 2025 (पत्रकार विनय की रिपोर्ट-8349627682)


“बचपन से बड़ा कोई खजाना नहीं होता, और उस खजाने को मजदूरी में झोंक देना सबसे बड़ा अपराध है।”


इसी संदेश को लेकर विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर शहडोल जिला प्रशासन ने एक सशक्त और प्रेरक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

🎤 कार्यक्रम की अध्यक्षता:

इस आयोजन की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने की, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को नई ऊर्जा और गंभीरता प्रदान की।

🛑 बाल मजदूरी: एक अपराध, एक अन्याय!

कार्यक्रम में श्रम निरीक्षक श्रीमती चरणा गुप्ता ने विस्तार से बताया कि भारत सरकार ने बाल श्रम को रोकने के लिए स्पष्ट और कठोर कानून बनाए हैं:

🔸 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है।


🔸 अपराधी को 2 वर्ष तक की जेल या ₹20,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है।


🔸 14 से 18 वर्ष तक के किशोर को खतरनाक उद्योगों और प्रक्रियाओं में काम पर रखना पूर्णतः वर्जित है।


🔸 बच्चों को केवल परिवार में मदद करने की अनुमति है – वो भी स्कूल से पहले या छुट्टियों में, और वह काम खतरनाक नहीं होना चाहिए।





⚠️ ये व्यवसाय हैं बच्चों के लिए प्रतिबंधित:

श्रम विभाग के अनुसार, 86 से अधिक खतरनाक व्यवसाय और प्रक्रियाएं ऐसी हैं जहाँ बच्चों को काम पर रखना प्रतिबंधित है:

🚫 खान और खदानें
🚫 ऑटोमोबाइल वर्कशॉप
🚫 पटाखा, अगरबत्ती, साबुन निर्माण
🚫 चूना भट्ठा, कचरा चुनना
🚫 सर्कस, हाथियों की देखभाल
🚫 घरेलू श्रमिक कार्य आदि




📞 शिकायत कहाँ करें?

यदि आप कहीं भी बाल मजदूरी होते देखें, तो तुरंत शिकायत करें:

📱 चाइल्डलाइन – 1098
📞 पुलिस – 100
🌐 PENCIL पोर्टल: www.pencil.gov.in




👨‍💼 विशेष उपस्थितियाँ:

इस गरिमामय आयोजन में कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे:

श्री नरेंद्र सिंह – सीईओ, जिला पंचायत

श्री मुद्रिका सिंह – अतिरिक्त सीईओ

श्री विपिन पटेल – जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक

श्री अमरनाथ सिंह – डीपीसी


साथ ही अन्य विभागों के अधिकारी, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।





🌱 बचपन को बोझ नहीं, पंख दो!

यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकल्प था – कि हम सब मिलकर हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन देंगे।आइए, हम सब मिलकर कहें:”बाल मजदूरी को ना, और बचपन को हाँ!”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *