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“भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ी आदिवासी शिक्षा? – छात्र संगठन ने दी आंदोलन और न्यायालय की चेतावनी” – YES NEWS

“भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ी आदिवासी शिक्षा? – छात्र संगठन ने दी आंदोलन और न्यायालय की चेतावनी”

📰 विश्वविद्यालय में भर्ती घोटाले का खुलासा – आदिवासी छात्र संगठन ने किया विरोध, दी न्यायालय जाने और आंदोलन की चेतावनी

📍 अमरकंटक, जिला अनूपपुर (म.प्र.) | 🗓 16 जून 2025 | ✍ संवाददाता विशेष




इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक, जो कि देश के आदिवासी समुदायों के लिए उच्च शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है, इन दिनों गंभीर आरोपों और गहराते विवादों से घिरा हुआ है। विश्वविद्यालय की गैर शैक्षणिक भर्ती प्रक्रिया को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों ने न केवल संस्था की छवि को आहत किया है, बल्कि छात्रों और समाज के बीच आक्रोश की लहर भी पैदा कर दी है।




🎯 क्या है मामला?

आदिवासी छात्र संगठन, मध्यप्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रोहित सिंह मरावी द्वारा 10 जून 2025 को कुलपति महोदय को सौंपे गए ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक विभाग में पदस्थ सहायक कुल सचिव मृदुल सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैर शैक्षणिक भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ कीं।

ज्ञापन के अनुसार, श्री मृदुल सिंह ने अपने सगे संबंधियों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियमों को ताक पर रखते हुए उन्हें अवैध रूप से भर्ती कराने का षड्यंत्र रचा।




🚨 पहले भी उठ चुकी है आवाज, लेकिन नहीं हुई कार्यवाही

डॉ. मरावी ने बताया कि संगठन द्वारा पूर्व में भी इस संदर्भ में विरोध-प्रदर्शन किया गया था, जिसकी प्रतिक्रिया में तत्कालीन कुलपति ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक श्री मृदुल सिंह के विरुद्ध कोई ठोस प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। यह निष्क्रियता संगठन के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन की संदिग्ध भूमिका को दर्शाती है।




🔥 संगठन का आक्रोश और अगला कदम

लगातार ज्ञापन देने और आग्रह करने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो आदिवासी छात्र संगठन ने अब आंदोलन और न्यायिक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। डॉ. मरावी ने स्पष्ट किया है कि:

> “अब यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो हम पुलिस और न्यायालय के माध्यम से न्याय की गुहार लगाएंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी **पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”






📢 ज्ञापन की प्रतियां इन संस्थाओं को भी भेजी गईं:

1. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग, भारत सरकार

2. आदिम जाति कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार

3. कुल सचिव, IGNTU

4. पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर (म.प्र.)



👥 ज्ञापन सौंपते समय ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित:

इस दौरान आदिवासी छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष (डिंडोरी) श्री महेश सिंह की अगुवाई में कई छात्र और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से वंदना सिंह, संतोष सिंह, कमलेश सिंह, रोहित कुमार, राजकुमार, लता सिंह सहित अन्य छात्र एवं संगठन के कार्यकर्ता शामिल थे।

इन सभी ने एकजुट होकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज़ बुलंद की और निष्पक्ष जांच व सख्त कार्यवाही की मांग की।



IGNTU जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में इस प्रकार के भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप न केवल संस्थान की गरिमा पर प्रश्नचिन्ह खड़े करते हैं, बल्कि उन हजारों आदिवासी छात्रों के भविष्य को भी खतरे में डालते हैं जो शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को सवारने का सपना देख रहे हैं।

अब यह देखना बाकी है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है – चुप्पी या कार्रवाई?

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