टाइगर का घर में कब्जा,लोगो का उमड़ा भीड़, ठंडी में गर्म बिस्तर का आनन्द
यस न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट उमरिया
उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकलकर एक खूंखार बाघ खेतों से होते हुए गांव के एक घर में घुस गया। बाघ घर की दहलान में बिछी खाट पर बिछे गद्दे पर जाकर बैठा और आराम फरफाने लगा। कुछ युवकों ने उसका वीडियो भी बना लिया। इधर बाघ को भगाने के प्रयास में एक युवक अपना पैर खो बैठा।

जानकारी अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में बसे गांवों में आए दिन बाघ पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों पर हमला कर जान भी ले रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक खूंखार बाघ जंगल से निकला और खेतों से होते हुए गांव के एक घर में पहुंच गया। टाइगर को देख गांव में दहशत फैल गई और लोग अपने-अपने घरों में कैद हो गए। बाद में कुछ साहसी युवकों ने बाघ को भगाने का प्रयास किया, लेकिन वे बाघ को हिला भी न सके।

घर से बाघ को भगाने का प्रयास, उसने हमला कर दिया
जिले के बेल्दी गांव में बाघ जिस घर के दहलान में घुसकर आराम फरमा रहा था, वह दुर्गा प्रसाद द्विवेदी का मकान है। यहां पड़ोस के साहसी युवक गोपाल कोल ने बाघ को भगाने का प्रयास किया तो उसने हमला कर दिया। हमले में गोपाल का दाहिना पैर बाघ के जबड़े में आ गया। इधर ग्रामीणों ने जोर—जोर से चिल्लाया तो बाघ उसे छोड़कर वापस घर के अंदर जाकर बिस्तर पर बैठ गया। गोपाल की बमुश्किल जान बची। लहूलुहान हालत में लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया।
गाय का शिकार किया, दूसरे के घर में रख दिया

बेल्दी गांव में बाघ ने राजू द्विवेदी के घर के बरामदे में बंधी गाय का शिकार कर लिया। उसे ले जाकर पास के दुर्गाप्रसाद द्विवेदी के बाड़े में रख दिया। इसके बाद बाघ पहले उनके घर में घुसा बाद में गोपाल कोल के घर में खाट पर जाकर बैठ गया।
