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पालीकापुरा, 15 जून।
चंबल अंचल की वीरभूमि एक बार फिर अपने गौरवशाली सपूत को
नमन करती दिखाई दी, जब श्रद्धेय श्री पातीराम नेताजी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पैतृक गांव पालीकापुरा में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामवासी, परिजन और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए और नेताजी को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें कृतज्ञता के साथ स्मरण किया।
स्वर्गीय श्री पातीराम नेताजी को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. वराहगिरी वेंकट गिरि द्वारा वर्ष 1973 में राष्ट्रपति पदक कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन्हें देश की सेवा में अद्वितीय साहस, समर्पण और वीरता के लिए प्रदान किया गया था। उनका जीवन प्रेरणा, पराक्रम और देशभक्ति का प्रतीक रहा है।
श्रद्धांजलि सभा में हरविलास, रामसहाय पहलवान, कालीचरण, उत्तम सिंह, कुंवर सिंह, महेंद्र सिंह, मायाराम, अभय, अविषेक, अरुण, मेघ सिंह मौर्य, शिक्षक रामचरन, हेमंत, प्रशांत, लक्ष्मीनारायण, अरविंद सिंह, अधिवक्ता विपिन, हीरालाल, देशराज, राजेश सहित समस्त ग्रामीणों एवं परिजनों ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा में वक्ताओं ने श्री पातीराम नेताजी के जीवन मूल्यों, देशभक्ति और साहसिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा। उनके द्वारा दिखाया गया कर्तव्यपथ आज भी युवाओं को प्रेरित करता है।
ग्रामीणों ने इस अवसर पर यह भी प्रस्ताव रखा कि गांव में एक स्मारक या पुस्तकालय का निर्माण कर नेताजी के नाम को चिरस्थायी किया जाए ताकि भावी पीढ़ियाँ उनके अद्वितीय योगदान से प्रेरणा ले सकें।
श्रद्धांजलि सभा का समापन देशभक्ति गीतों और दो मिनट के मौन के साथ किया गया।
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(रिपोर्ट – विशेष संवाददाता)
स्थान – पालीकापुरा, जिला मुरैना
